भारतवर्ष की पहचान सदैव उसके ज्ञान और संस्कृति से रही है। इस पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में गुरु-शिष्य परंपरा का सबसे बड़ा योगदान है। सनातन धर्म में ज्ञान केवल
भारतवर्ष की पहचान सदैव उसके ज्ञान और संस्कृति से रही है। इस पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में गुरु-शिष्य परंपरा का सबसे बड़ा योगदान है। सनातन धर्म में ज्ञान केवल
भारतवर्ष की राजनीति सदैव धर्म से पोषित रही है। ‘धर्म’ केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन पद्धति और नीति का आधार है। जब राजनीति से धर्म अलग होता है, तब सत्ता
वर्तमान भारतीय समाज की सबसे बड़ी कमजोरी जातिवाद है। यह विडंबना ही है कि जिसने संसार को वेद, उपनिषद, शास्त्र और ज्ञान दिए उसी समाज ने वर्ण व्यवस्था को जाति
आज के समाज में जातिवाद एक ऐसी सामाजिक कुरीति बन चुका है, जिसने एकता और वैदिक मूल्यों को गहरा आघात पहुँचाया है। विशेषतः “ब्राह्मण” शब्द को लेकर फैली भ्रांतियाँ समाज
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष – सनातन जीवन दर्शन का आधार सनातन धर्म में जीवन को केवल एक सांसारिक यात्रा नहीं, बल्कि एक उद्देश्यपूर्ण और दिव्य प्रक्रिया माना गया है।
मानव जीवन में भावनाएँ और वासनाएँ स्वाभाविक हैं, किंतु जब ये अनियंत्रित हो जाती हैं, तो व्यक्ति आध्यात्मिक दृष्टि से पतन की ओर अग्रसर हो जाता है। सनातन वैदिक धर्मग्रंथों
वेद मानवता के प्राचीनतम ग्रंथ हैं, जिनमें न केवल आध्यात्मिक ज्ञान है, अपितु एक संतुलित समाज निर्माण की संपूर्ण रूपरेखा भी है। वेदों में वर्णित समाज व्यवस्था मात्र एक वर्गीकरण
“वेद” – एक ऐसा शब्द जो केवल ग्रंथों का नाम नहीं, बल्कि ब्रह्माण्ड के मूल नियमों, चेतना, ध्वनि और ऊर्जा के शाश्वत स्त्रोत का परिचायक है। यह केवल चार पुस्तकों
ऋग्वेद में सूर्य को ब्रह्मांड का नेत्र कहा गया है – जो प्राणदायक भी है और अंधकार का संहारक भी। सूर्य केवल एक खगोलीय पिंड नहीं है, बल्कि यह जीवन,
आयुर्वेद मात्र रोगों की चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलन में रखते हुए दीर्घायु, आरोग्य और आनंददायक जीवन प्रदान करने वाली







Bipin kumkar: आचार्य जी द्वारा वैदिक गुरुकुल ऑनलाइन का उद्देश्य हमारे प्राचीन वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत एवं सनातन मूल्यों की शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाना है और यह बहोत प्रशंसनीय कार्य है
Mamta: Pranam new generation khasker boys ko girls ki respect ke bare mai koi ved aadharit lekh dejiyega 🙏
Ravinder Kumar Mehta: Aaj ke yug main Eak preshensniye preyas. Sanaten va vedo ke bare main bahut hi Saral bhasha main samjhaya gaya hai. Koi bhi jigyasu eska labha utha sekta hai.
Arvind Mukherjee: The attachments are not opening