1. भूमिका : संक्रांति – पर्व नहीं, एक सिद्धांत भारतीय समाज में “संक्रांति” शब्द को प्रायः एक धार्मिक पर्व या फलित-ज्योतिषीय घटना के रूप में समझ लिया गया है। विशेष
1. भूमिका : संक्रांति – पर्व नहीं, एक सिद्धांत भारतीय समाज में “संक्रांति” शब्द को प्रायः एक धार्मिक पर्व या फलित-ज्योतिषीय घटना के रूप में समझ लिया गया है। विशेष
भारतीय संस्कृति का मूल तत्व संस्कार हैं। संस्कार जीवन के वे सोपान हैं जो जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य के हर चरण को शुद्ध, संतुलित और अर्थपूर्ण बनाते हैं।
यज्ञ भारतीय संस्कृति और वेदों का एक महत्वपूर्ण अंग है। प्राचीन काल से ही यज्ञ को आध्यात्मिक उन्नति, पर्यावरण शुद्धि और स्वास्थ्य लाभ का साधन माना गया है। आधुनिक वैज्ञानिक
धार्मिक कर्मकांड, जो प्राचीन समय से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहे हैं, आज भी विभिन्न धार्मिक और सामाजिक अवसरों पर संपन्न किए जाते हैं। इन्हें अक्सर रूढ़ियों या परंपराओं







Arvind Mukherjee: Good clarification
Amit vyas: आपके कार्य को नमन गुरुजी🙏
rati shukla: Original gyan
Bipin kumkar: आचार्य जी द्वारा वैदिक गुरुकुल ऑनलाइन का उद्देश्य हमारे प्राचीन वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत एवं सनातन मूल्यों की शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाना है और यह बहोत प्रशंसनीय कार्य है