आज भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने “वास्तु शास्त्र” का नाम न सुना हो। घर बनाते समय वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेना, दुकान खोलने से पहले दिशा
आज भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने “वास्तु शास्त्र” का नाम न सुना हो। घर बनाते समय वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेना, दुकान खोलने से पहले दिशा
आज के समय में सनातन धर्म को लेकर जितनी चर्चाएँ होती हैं, उतनी ही भ्रान्तियाँ भी फैलाई जाती हैं। कुछ लोग बिना वेदों का अध्ययन किए सनातन धर्म को केवल
प्रत्येक माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा बुद्धिमान, आत्मविश्वासी, संस्कारी और जीवन में सफल बने। अधिकांश माता-पिता बच्चे की शिक्षा पर तो ध्यान देते हैं, परंतु मानसिक विकास
आज के समय में बहुत से लोग प्रश्न करते हैं कि —“क्या शिखा (चोटी) रखना केवल अंधविश्वास है?”“क्या वेदों में शिखा रखने का आदेश है?”“आखिर ऋषि-मुनि चोटी क्यों रखते थे?”
आज के समय में एक अत्यंत चर्चित प्रश्न है— “क्या वेदों में आधुनिक Science और Technology का ज्ञान था?” कुछ लोग दावा करते हैं कि वेदों में पहले से ही
आज का युग “Information Age” कहलाता है। इंटरनेट, AI, मोबाइल और सोशल मीडिया के कारण जानकारी का विस्फोट हो चुका है। आज किसी भी विद्यार्थी के पास हजारों पुस्तकों से
प्रस्तावना: जीवन को समझने का सही दृष्टिकोण मानव जीवन जितना सरल दिखाई देता है, उतना ही जटिल है। हम रोज़ अपने जीवन में अनेक घटनाओं का अनुभव करते हैं—कभी सफलता,
1. भूमिका : संक्रांति – पर्व नहीं, एक सिद्धांत भारतीय समाज में “संक्रांति” शब्द को प्रायः एक धार्मिक पर्व या फलित-ज्योतिषीय घटना के रूप में समझ लिया गया है। विशेष
मनुष्य की उत्पत्ति का प्रश्न केवल आधुनिक विज्ञान का नहीं है। यह प्रश्न वेदों, उपनिषदों और भारतीय दर्शनों में अत्यंत गंभीरता से उठाया गया है। आज प्रचलित विकासवाद (Evolution Theory)
भारतीय वैदिक परंपरा के अनेक विषय ऐसे हैं जिन्हें आज के समय में आधे ज्ञान और आधुनिक नैतिक दृष्टि से देखकर गलत समझ लिया गया है। नियोग क्रिया उनमें से







Arvind Mukherjee: Extremely good and well analysed write up
Arvind Mukherjee: Good clarification
Amit vyas: आपके कार्य को नमन गुरुजी🙏
rati shukla: Original gyan