बच्चों को संस्कार कैसे दें
संस्कार

बच्चों को संस्कार कैसे दें – वैदिक दृष्टिकोण, मनोवैज्ञानिक विश्लेषण एवं आधुनिक पालन-पोषण की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

आज का सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि हमारे बच्चे कितने शिक्षित हैं, बल्कि यह है कि वे कितने

guru purnima
गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा – एक ऐतिहासिक एवं वैदिक विश्लेषण

भारत में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च माना गया है। भारतीय संस्कृति में गुरु केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि ज्ञान,

मंत्र, तंत्र और यंत्र का वास्तविक इतिहास और वैदिक विश्लेषण
शंका समाधान

मंत्र, तंत्र और यंत्र का वास्तविक इतिहास और वैदिक विश्लेषण

आज यदि किसी व्यक्ति से पूछा जाए कि मंत्र क्या है?, तो सामान्यतः तीन प्रकार के उत्तर मिलते हैं— लेकिन

क्या नज़र लगना वैज्ञानिक है? वेद क्या कहते हैं?
शंका समाधान

क्या नज़र लगना वैज्ञानिक है? वेद क्या कहते हैं? | वैदिक एवं वैज्ञानिक विश्लेषण

भारत सहित विश्व की अनेक संस्कृतियों में “बुरी नज़र” (Evil Eye) की मान्यता हजारों वर्षों से प्रचलित है। यदि कोई

क्या वास्तु शास्त्र सच है? | वास्तुदोष का वैदिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सम्पूर्ण विश्लेषण
वास्तु शास्त्र

क्या वास्तु सच है? वैदिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सम्पूर्ण विश्लेषण

आज भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने “वास्तु शास्त्र” का नाम न सुना हो। घर बनाते समय

सनातन धर्म की 10 सबसे बड़ी भ्रान्तियाँ (Misconceptions)– वेदों के अनुसार वास्तविक सत्य
शंका समाधान

सनातन धर्म की 10 सबसे बड़ी गलतफहमियाँ – वेदों के अनुसार वास्तविक सत्य

आज के समय में सनातन धर्म को लेकर जितनी चर्चाएँ होती हैं, उतनी ही भ्रान्तियाँ भी फैलाई जाती हैं। कुछ

Bachho ka mansik vikas kaise kare
वैदिक शिक्षा

बच्चों में मानसिक विकास कैसे करें?

प्रत्येक माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा बुद्धिमान, आत्मविश्वासी, संस्कारी और जीवन में सफल बने। अधिकांश माता-पिता बच्चे

shikha bandhan vedic gurukul
शंका समाधान

शिखा (चोटी) रखने का वैदिक तर्क एवं शास्त्रीय प्रमाण

आज के समय में बहुत से लोग प्रश्न करते हैं कि —“क्या शिखा (चोटी) रखना केवल अंधविश्वास है?”“क्या वेदों में

बुद्धि के छह स्तर - साधारण बुद्धि, मेधा, मनीषा, प्रतिभा, प्रज्ञा और ऋतम्भरा प्रज्ञा
वैदिक शिक्षा

बुद्धि के छह स्तर – साधारण बुद्धि, मेधा, मनीषा, प्रतिभा, प्रज्ञा और ऋतम्भरा प्रज्ञा

आज का युग “Information Age” कहलाता है। इंटरनेट, AI, मोबाइल और सोशल मीडिया के कारण जानकारी का विस्फोट हो चुका

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