आज के समय में एक अत्यंत चर्चित प्रश्न है— “क्या वेदों में आधुनिक Science और Technology का ज्ञान था?” कुछ लोग दावा करते हैं कि वेदों में पहले से ही
आज के समय में एक अत्यंत चर्चित प्रश्न है— “क्या वेदों में आधुनिक Science और Technology का ज्ञान था?” कुछ लोग दावा करते हैं कि वेदों में पहले से ही
सृष्टि है क्यों? यह प्रश्न जितना प्राचीन है, उतना ही आधुनिक भी मनुष्य करोड़ों वर्षों से यह प्रश्न पूछता आ रहा है —“सृष्टि अस्तित्व में क्यों है? आखिर इसकी आवश्यकता
जब हम “विज्ञान” शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में आधुनिक लैब्स, रोबोट्स, स्पेस टेक्नोलॉजी, और इलेक्ट्रॉनिक्स का चित्र उभरता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि विज्ञान की
आधुनिक युग में, साइंस और विज्ञान दो ऐसे शब्द हैं जिन्हें प्रायः एक ही अर्थ में देखा जाता है। लेकिन वास्तव में, दोनों का दायरा, उद्देश्य और दृष्टिकोण बिल्कुल अलग
आधुनिक विज्ञान और धर्म—दो ऐसे शब्द जो सदियों से मानवता के दो महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं। आधुनिक विज्ञान भौतिकी के नियमों के अनुसार सत्य की खोज करता है, जबकि धर्म
वेदों के दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण में ज्ञान और विज्ञान दोनों ही महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ये दोनों शब्द अपने-अपने क्षेत्रों में गहन अर्थ रखते हैं और मानव जीवन के
मानव सभ्यता के विकास में विज्ञान का योगदान अविस्मरणीय है। विज्ञान ने हमारे जीवन को अनेक रूपों में सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है। लेकिन, जब हम विज्ञान की बात







rati shukla: Original gyan
Bipin kumkar: आचार्य जी द्वारा वैदिक गुरुकुल ऑनलाइन का उद्देश्य हमारे प्राचीन वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत एवं सनातन मूल्यों की शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाना है और यह बहोत प्रशंसनीय कार्य है
Mamta: Pranam new generation khasker boys ko girls ki respect ke bare mai koi ved aadharit lekh dejiyega 🙏
Ravinder Kumar Mehta: Aaj ke yug main Eak preshensniye preyas. Sanaten va vedo ke bare main bahut hi Saral bhasha main samjhaya gaya hai. Koi bhi jigyasu eska labha utha sekta hai.