सृष्टि संवत, जिसे वैदिक कालगणना का आधार माना जाता है, भारतीय परंपरा में समय और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह ब्रह्मांड की रचना
सृष्टि संवत, जिसे वैदिक कालगणना का आधार माना जाता है, भारतीय परंपरा में समय और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह ब्रह्मांड की रचना
प्राचीन भारतीय परंपराओं में खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) का विशेष महत्व है। यह ग्रहों, नक्षत्रों, और समय की स्थिति को समझने और उनका मानव जीवन पर प्रभाव देखने का वैज्ञानिक अध्ययन







Arvind Mukherjee: Good clarification
Amit vyas: आपके कार्य को नमन गुरुजी🙏
rati shukla: Original gyan
Bipin kumkar: आचार्य जी द्वारा वैदिक गुरुकुल ऑनलाइन का उद्देश्य हमारे प्राचीन वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत एवं सनातन मूल्यों की शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाना है और यह बहोत प्रशंसनीय कार्य है