सूर्य से नेतृत्व की सीख: स्थिरता और ऊर्जा का महान स्रोत
ऋग्वेद में सूर्य को ब्रह्मांड का नेत्र कहा गया है – जो प्राणदायक भी है और अंधकार का संहारक भी। […]
ऋग्वेद में सूर्य को ब्रह्मांड का नेत्र कहा गया है – जो प्राणदायक भी है और अंधकार का संहारक भी। […]
आयुर्वेद मात्र रोगों की चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलन में
मनुष्य के जीवन में धर्म और अधर्म दो ऐसे पथ हैं जो प्रत्येक क्षण निर्णय की कसौटी पर उसे खड़ा
महान व्यक्तित्व वह नहीं जो धन, बल या प्रसिद्धि से परिभाषित हो, बल्कि वह है जिसमें मानवीय गुणों की सच्ची
मानव समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुष्टों का दमन आवश्यक है। सनातन धर्म के ग्रंथों में
मनुष्य के जीवन में संघर्ष और विरोधाभास सदैव विद्यमान रहते हैं। चाहे वह राजनीति हो, व्यापार हो, या पारिवारिक जीवन,
आजकल संप्रदायों और विभिन्न मतमतांतरों ने धर्म शब्द का व्यापक रूप से दुरुपयोग किया है, जिसके परिणामस्वरूप धर्म के नाम
सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक धर्म है। जिसने न केवल भारत को बल्कि सम्पूर्ण विश्व को धर्म,
आज का युग वह समय है जब सनातन धर्म पर आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार के संकट मंडरा रहे हैं।
वर्तमान युग में जब धर्म पर तरह-तरह के प्रश्न उठते हैं, तो एक गंभीर और बुनियादी प्रश्न यह भी होता
महिलाओं का मासिक धर्म या रजस्वला केवल एक जैविक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह ऊर्जा, तरंगों और सृजनात्मक शक्ति का गहन
होली केवल रंगों और उमंग का पर्व नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीनतम वैदिक परंपराओं में से एक महत्वपूर्ण