क्या वैदिक ज्ञान आधुनिक Engineering और Technology का बीज रूप है?
आज के समय में एक अत्यंत चर्चित प्रश्न है— “क्या वेदों में आधुनिक Science और Technology का ज्ञान था?” कुछ
आज के समय में एक अत्यंत चर्चित प्रश्न है— “क्या वेदों में आधुनिक Science और Technology का ज्ञान था?” कुछ
आज का युग “Information Age” कहलाता है। इंटरनेट, AI, मोबाइल और सोशल मीडिया के कारण जानकारी का विस्फोट हो चुका
प्रस्तावना: जीवन को समझने का सही दृष्टिकोण मानव जीवन जितना सरल दिखाई देता है, उतना ही जटिल है। हम रोज़
1. भूमिका : संक्रांति – पर्व नहीं, एक सिद्धांत भारतीय समाज में “संक्रांति” शब्द को प्रायः एक धार्मिक पर्व या
मनुष्य की उत्पत्ति का प्रश्न केवल आधुनिक विज्ञान का नहीं है। यह प्रश्न वेदों, उपनिषदों और भारतीय दर्शनों में अत्यंत
भारतीय वैदिक परंपरा के अनेक विषय ऐसे हैं जिन्हें आज के समय में आधे ज्ञान और आधुनिक नैतिक दृष्टि से
सृष्टि है क्यों? यह प्रश्न जितना प्राचीन है, उतना ही आधुनिक भी मनुष्य करोड़ों वर्षों से यह प्रश्न पूछता आ
शिक्षा” (Education) और “ज्ञान” (Knowledge) — दोनों शब्द सुनने में समान लगते हैं, परंतु वैदिक दृष्टि से इनका अर्थ, उद्देश्य
आज जब दीपावली का पर्व आता है तो हर पंथ, हर सम्प्रदाय अपनी कल्पना के अनुसार कोई न कोई कथा
भारत केवल एक भौगोलिक भूमि नहीं, यह एक संस्कार आधारित चेतना है। इस राष्ट्र की आत्मा “धर्म” है — और
विवाह भारतीय संस्कृति में केवल एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि संसार का सबसे पवित्र संस्कार माना गया है। वैदिक साहित्य
नवरात्रि केवल नौ दिनों का धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन प्रबंधन, आत्म-शुद्धि और शक्ति साधना का अनोखा उत्सव