आचार्य दीपक घोष

आचार्य दीपक एक प्रतिष्ठित लेखक, समाज सुधारक एवं वैदिक विद्वान हैं। वे सनातन धर्म, वेद, उपनिषद और गीता के गहन अध्ययन एवं अनुसंधान के माध्यम से धर्म, संस्कृति और समाज को जागरूक बनाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी लेखनी तार्किक, वैज्ञानिक और शास्त्र आधारित होती है, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करती है। उनके लेख एवं पुस्तकें समाज में नैतिकता, धर्म और मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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संक्रांति खगोलीय दृष्टिकोण से एक वैज्ञानिक अध्ययन

संक्रांति (Solstice और Equinox) एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जो पृथ्वी, सूर्य और ब्रह्मांड के आपसी संबंधों को उजागर करती है। आज इसे प्रायः मकर संक्रांति के रूप में पहचाना

कर्म, विकर्म, अकर्म, और निष्काम कर्म का वैदिक सिद्धांत

सनातन धर्म का आधार कर्म सिद्धांत है। यह ब्रह्मांडीय सत्य है कि हर क्रिया का परिणाम होता है। वैदिक ग्रंथों और भगवद गीता में कर्म, विकर्म, अकर्म, और निष्काम कर्म

शस्त्र एवं शास्त्र और सनातन धर्म: एक व्यावहारिक दृष्टिकोण

सनातन धर्म, जो शाश्वत सत्य और प्रकृति के नियमों पर आधारित है, केवल धर्मग्रंथों तक सीमित नहीं है। यह एक पूर्ण जीवन दर्शन है, जो व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के

वाणी के 8 आभूषण शब्दों की सुंदरता और उनके प्रभाव

वाणी, मनुष्य की सबसे महत्वपूर्ण शक्तियों में से एक है। यह केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे विचार, भावनाएँ, और व्यक्तित्व का प्रतिबिंब है। हमारे प्राचीन शास्त्रों में वाणी

अहिंसा और सनातन धर्म: एक व्यवहारिक दृष्टिकोण

अहिंसा, भारतीय संस्कृति और दर्शन का एक प्रमुख सिद्धांत है, जो केवल शारीरिक हिंसा से बचने तक सीमित नहीं है। यह मन, वचन और कर्म के हर स्तर पर करुणा

ग्रेगोरियन कैलेंडर vs सृष्टि संवत कैलेंडर एक गहन विश्लेषण

सृष्टि संवत, जिसे वैदिक कालगणना का आधार माना जाता है, भारतीय परंपरा में समय और प्रकृति के बीच सामंजस्य का एक अनूठा दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह ब्रह्मांड की रचना

डिजिटल युग में आध्यात्मिकता का महत्व कैसे जुड़े धर्म से

डिजिटल युग, जहाँ तकनीक ने हमारे जीवन को पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और तेज़ बना दिया है, वहीं यह कई मानसिक और भावनात्मक चुनौतियाँ भी लेकर आया है। स्मार्टफोन,

आधुनिक युग में, साइंस और विज्ञान दो ऐसे शब्द हैं जिन्हें प्रायः एक ही अर्थ में देखा जाता है। लेकिन वास्तव में, दोनों का दायरा, उद्देश्य और दृष्टिकोण बिल्कुल अलग

सनातन धर्म के 10 प्रेरणादायक आदर्श, जो हर युवा को अपनाने चाहिए

सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने का ऐसा मार्ग है जो हर परिस्थिति में सही दिशा दिखाता है। यह धर्म न केवल आध्यात्मिकता का मार्ग प्रशस्त

वेदों में नदियों का प्रतीकात्मक अर्थ गंगा, यमुना और सरस्वती का योगिक रहस्य

वेद1 year ago

वेदों में गंगा, यमुना, सरस्वती का उल्लेख बार-बार आता है, लेकिन इसे एक भौगोलिक नदी तक सीमित कर देना वेदों की व्यापकता और उनके यौगिक अर्थों को सीमित करने जैसा

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