ऋग्वेद में सूर्य को ब्रह्मांड का नेत्र कहा गया है – जो प्राणदायक भी है और अंधकार का संहारक भी। सूर्य केवल एक खगोलीय पिंड नहीं है, बल्कि यह जीवन,
ऋग्वेद में सूर्य को ब्रह्मांड का नेत्र कहा गया है – जो प्राणदायक भी है और अंधकार का संहारक भी। सूर्य केवल एक खगोलीय पिंड नहीं है, बल्कि यह जीवन,







rati shukla: Original gyan
Bipin kumkar: आचार्य जी द्वारा वैदिक गुरुकुल ऑनलाइन का उद्देश्य हमारे प्राचीन वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत एवं सनातन मूल्यों की शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाना है और यह बहोत प्रशंसनीय कार्य है
Mamta: Pranam new generation khasker boys ko girls ki respect ke bare mai koi ved aadharit lekh dejiyega 🙏
Ravinder Kumar Mehta: Aaj ke yug main Eak preshensniye preyas. Sanaten va vedo ke bare main bahut hi Saral bhasha main samjhaya gaya hai. Koi bhi jigyasu eska labha utha sekta hai.