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संक्रांति : वैदिक, खगोलीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

संक्रांति : वैदिक, खगोलीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

1. भूमिका : संक्रांति – पर्व नहीं, एक सिद्धांत भारतीय समाज में “संक्रांति” शब्द को प्रायः एक धार्मिक पर्व या फलित-ज्योतिषीय घटना के रूप में समझ लिया गया है। विशेष

वैदिक सिद्धांत के अनुसार मनुष्य का अवतरण वेद-उपनिषद के प्रमाणों सहित

वैदिक सिद्धांत के अनुसार मनुष्य का अवतरण: वेद-उपनिषद के प्रमाणों सहित

मनुष्य की उत्पत्ति का प्रश्न केवल आधुनिक विज्ञान का नहीं है। यह प्रश्न वेदों, उपनिषदों और भारतीय दर्शनों में अत्यंत गंभीरता से उठाया गया है। आज प्रचलित विकासवाद (Evolution Theory)

नियोग क्या है? वैदिक सनातन धर्म में नियोग की शास्त्रीय व्याख्या

भारतीय वैदिक परंपरा के अनेक विषय ऐसे हैं जिन्हें आज के समय में आधे ज्ञान और आधुनिक नैतिक दृष्टि से देखकर गलत समझ लिया गया है। नियोग क्रिया उनमें से

The Real Cause of Creation – Vedic Analysis

Uncategorized4 months ago

सृष्टि का वास्तविक कारण — वैदिक विश्लेषण

सृष्टि है क्यों? यह प्रश्न जितना प्राचीन है, उतना ही आधुनिक भी मनुष्य करोड़ों वर्षों से यह प्रश्न पूछता आ रहा है —“सृष्टि अस्तित्व में क्यों है? आखिर इसकी आवश्यकता

शिक्षा और ज्ञान में अंतर – वैदिक दृष्टि से सच्चे ज्ञान का अर्थ | Acharya Deepak Ghosh

शिक्षा और ज्ञान में अंतर – वैदिक दृष्टि से एक गहन विश्लेषण

शिक्षा” (Education) और “ज्ञान” (Knowledge) — दोनों शब्द सुनने में समान लगते हैं, परंतु वैदिक दृष्टि से इनका अर्थ, उद्देश्य और प्रभाव में गहरा अंतर है। आज के युग में

दीपावली का वैदिक स्वरूप – व्यक्ति नहीं सृष्टि का उत्सव I वैदिक दीपावली का वैज्ञानिक रहस्य

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आज जब दीपावली का पर्व आता है तो हर पंथ, हर सम्प्रदाय अपनी कल्पना के अनुसार कोई न कोई कथा जोड़ देता है।कोई कहता है — “श्रीरामचन्द्र जी आज के

वैदिक दृष्टि में साधना और सिद्धि का संबंध

वैदिक सनातन धर्म में साधना और सिद्धि आत्मिक उत्थान के दो महत्त्वपूर्ण अंग हैं। साधना (आध्यात्मिक अभ्यास) का उद्देश्य आत्मा की शुद्धि और ब्रह्म से एकात्मता प्राप्त करना है। सिद्धि,

आज की नई पीढ़ी एक तेज़ी से बदलती दुनिया में जी रही है, जहाँ तकनीक, भौतिकता, और आधुनिकता ने जीवन को सरल और जटिल दोनों बना दिया है। ऐसे में

सनातन धर्म में अन्न, जल और भोजन का आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म केवल एक धार्मिक पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण विज्ञान और दर्शन है। इसके हर पहलू में व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने

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वेदों के दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण में ज्ञान और विज्ञान दोनों ही महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ये दोनों शब्द अपने-अपने क्षेत्रों में गहन अर्थ रखते हैं और मानव जीवन के

धार्मिक-कर्मकांड-और-उसका-वैज्ञानिक-आधार

धार्मिक कर्मकांड, जो प्राचीन समय से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहे हैं, आज भी विभिन्न धार्मिक और सामाजिक अवसरों पर संपन्न किए जाते हैं। इन्हें अक्सर रूढ़ियों या परंपराओं

आज के युग में वैदिक धर्म का पालन कैसे करें

आज का युग तकनीकी, भौतिकता और आधुनिकता से भरा हुआ है। ऐसे समय में, वैदिक धर्म का पालन करना चुनौतीपूर्ण लग सकता है। वैदिक धर्म, जिसे सनातन धर्म भी कहा

मानव सभ्यता के विकास में विज्ञान का योगदान अविस्मरणीय है। विज्ञान ने हमारे जीवन को अनेक रूपों में सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है। लेकिन, जब हम विज्ञान की बात

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम में से कई लोग तनाव और बीमारियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक दिनचर्या को अपनाना न केवल हमारे शरीर बल्कि

आयुर्वेद में मर्म बिंदु: स्वास्थ्य और जीवन ऊर्जा के संवेदनशील केंद्र आयुर्वेद, भारतीय चिकित्सा प्रणाली की एक प्राचीन और समग्र प्रणाली है, जिसमें शरीर, मन, और आत्मा के स्वास्थ्य को

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