भारतीय वैदिक परंपरा में ज्ञान, तप और साधना के आधार पर ऋषियों को अलग-अलग श्रेणियों में बाँटा गया है। जब हम वेद, उपनिषद, दर्शन या महाकाव्य पढ़ते हैं तो अनेक
भारतीय वैदिक परंपरा में ज्ञान, तप और साधना के आधार पर ऋषियों को अलग-अलग श्रेणियों में बाँटा गया है। जब हम वेद, उपनिषद, दर्शन या महाकाव्य पढ़ते हैं तो अनेक
सनातन की नींव धर्म के मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है।, जो मानव जीवन को सत्य, न्याय और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। धर्म, अधर्म और आपद्धर्म







PREEYAVRAT SAYJADAH: Very interesting.
राजेश कुमार: समाज और राष्ट्र की संतुलन के लिए नियोग अच्छी प्रक्रिया थी
Prof (Dr.) Rakesh Kumar Chak: Good information for quality of life.
Kautilya Nalinbhai Chhaya: ગુરુકુળ થી ભારત નિર્માણ શક્ય છે