Hot Posts2- Page

Vedic solution to stress, anxiety and depression

आज के युग में तनाव (Stress), चिंता (Anxiety) और डिप्रेशन (Depression) जीवन का हिस्सा बनते जा रहे हैं। नौकरी का दबाव, रिश्तों में असंतुलन, भविष्य की अनिश्चितता और सामाजिक अपेक्षाएं

सफल वैवाहिक जीवन के वैदिक नियम – पति-पत्नी का आदर्श व्यवहार

विवाह भारतीय संस्कृति में केवल एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि संसार का सबसे पवित्र संस्कार माना गया है। वैदिक साहित्य विवाह को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की

ग्रहण: वैदिक खगोल-विज्ञान और आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से सम्पूर्ण विश्लेषण

ग्रहण (Eclipse) शब्द सुनते ही रहस्य, उत्सुकता और अनेक मान्यताएँ हमारे मन में उमड़ने लगती हैं। भारतीय परंपरा में ग्रहण को केवल खगोलीय घटना ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक

संतान उत्पत्ति केवल एक जैविक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह धर्म, समाज और भविष्य की आधारशिला है। वैदिक शास्त्र कहते हैं कि संतान का जन्म संस्कार और धर्म परंपरा को

नवरात्रि का वास्तविक स्वरूप वैदिक दृष्टि और दार्शनिक अर्थ

नवरात्रि केवल नौ दिनों का धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन प्रबंधन, आत्म-शुद्धि और शक्ति साधना का अनोखा उत्सव है। भारत की सांस्कृतिक परंपरा में यह पर्व हर युग

किए हुए पापों का प्रायश्चित कैसे करें – वैदिक दृष्टिकोण से समाधान

मनुष्य कर्मशील है। कर्म करते हुए वह या तो धर्मपथ पर चलता है या अधर्म की ओर भटक जाता है। जब अधर्मजन्य कर्म होता है तो उसे शास्त्रों में पाप

16 संस्कारों का विज्ञान: जन्म से मृत्यु तक हर कर्मकांड का तर्कसंगत आधार

भारतीय संस्कृति का मूल तत्व संस्कार हैं। संस्कार जीवन के वे सोपान हैं जो जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य के हर चरण को शुद्ध, संतुलित और अर्थपूर्ण बनाते हैं।

नाड़ी का आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: एक वैज्ञानिक एवं शास्त्रीय विवेचन

आयुर्वेद, भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति, केवल रोगों के उपचार की विधि ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। इसमें मनुष्य को शरीर (शरीर-शास्त्र), मन (मनोविज्ञान), आत्मा (आध्यात्मिकता) और

गुरुकुल से राष्ट्र निर्माण – वैदिक शिक्षा से भारत के पुनर्निर्माण की आधारशिला

भारत केवल एक भौगोलिक भूमि नहीं, यह एक संस्कार आधारित चेतना है। इस राष्ट्र की आत्मा “धर्म” है — और धर्म की शिक्षा का केंद्र रहा है गुरुकुल।गुरुकुल वह स्थान

शिक्षा और ज्ञान में अंतर – वैदिक दृष्टि से सच्चे ज्ञान का अर्थ | Acharya Deepak Ghosh

शिक्षा” (Education) और “ज्ञान” (Knowledge) — दोनों शब्द सुनने में समान लगते हैं, परंतु वैदिक दृष्टि से इनका अर्थ, उद्देश्य और प्रभाव में गहरा अंतर है। आज के युग में

https://www.vaidikgurukul.in/
sanatan sanskriti ka mul gyan online course
Ashtang Yog Onlilne Course By acharya deepak
Sanatan Dharm Combo Book by - acharya deepak
वैदिक सनातन धर्म शंका समाधान by acharya deepak
Naitik shiksha book
Join Us
  • Facebook5.6K
  • YouTube33.1K
  • Instagram3.1K
Follow
Search Trending
Popular Now
Loading

Signing-in 3 seconds...

Signing-up 3 seconds...